क्या पाप करने के बाद भी नरक की सजा से बचा जा सकता है? जानें प्रेमानंद जी महाराज का जवाब
Premanad Ji Maharaj: हिंदू शास्त्र गरुड़ पुराण में पाप करने वालों के लिए नरक में कठोर सजा के बारे में बताया गया है. लेकिन क्या ऐसा कोई उपाय है, जिससे पाप करने के बावजूद नरक की सजा से बचा जा सकता है? यदि आपके मन में कभी यह सवाल आया है, तो यह खबर आपके लिए है. आइए प्रेमानंद जी महाराज से इस सवाल का जवाब जानते हैं.
Premanand Ji Maharaj: सनातन धर्म में मान्यता है कि हर मनुष्य को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार मृत्यु के बाद स्वर्ग या नरक में भेजा जाता है. कहा जाता है कि अच्छे कर्म, भक्ति-भजन और जरूरतमंद की सेवा सहित अन्य पुण्य कार्य करने वालों को परलोक में स्वर्ग की प्राप्ति होती है. वहीं व्यभिचार, दूसरों का अहित और बेईमानी सहित अन्य बुरे कर्म करने वालों को नरक में दंड दिया जाता है. इसी विषय पर बात करते हुए वृंदावन के प्रसिद्ध संत और आध्यात्मिक गुरु ने एक ऐसा उपाय बताया है, जिससे बुरे कर्मों के बाद भी नरक की सजा से बचा जा सकता है.
प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा?
महाराज ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति से पाप हो जाए, जिसके कारण उसका नरक जाना निश्चित हो, तो ऐसे में वह प्रभु का नाम-जप शुरू कर दे, तो वह नरक जाने से बच सकता है. उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति पश्चाताप कर रोजाना केवल 100–200 बार भी विश्वास के साथ नाम-जप करे, तो निश्चित है कि नरक के द्वार उसके लिए बंद हो सकते हैं.
प्रेमानंद जी का कहना है कि विश्वास से भक्ति बढ़ती है और भगवान की प्राप्ति होती है. यदि व्यक्ति विश्वास के साथ प्रभु का ध्यान और नाम-जप करे, तो उसे स्वर्ग, ब्रह्मलोक और मोक्ष की प्राप्ति भी हो सकती है.
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