Pradosh Vrat 2026: 16 मार्च को रखा जाएगा प्रदोष व्रत, नोट कर लें पूजा सामग्री और विधि

Pradosh Vrat 2026: कल यानी सोमवार के दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा. यदि आप यह व्रत पहली बार कर रही हैं, तो जान लीजिए कि इस पूजा में किन सामग्रियों की आवश्यकता होती है, ताकि पूजा के दौरान कोई भी चूक न हो और आप विधि-पूर्वक पूजा संपन्न कर सकें.

By Neha Kumari | March 15, 2026 3:04 PM

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. प्रदोष व्रत जिस दिन रखा जाता है, उसी दिन के आधार पर इस व्रत का नाम रखा जाता है. चूंकि इस बार प्रदोष व्रत 16 मार्च 2026, सोमवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इस व्रत को सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा. इस दिन भोलेनाथ की आराधना की जाती है और व्रत रखा जाता है.

पूजा सामग्री (Puja Samagri List)

  • शुद्ध जल
  • गंगाजल
  • कच्चा दूध
  • दही
  • शहद
  • बेलपत्र
  • धतूरा
  • शमी के पत्ते
  • आक के फूल
  • सफेद चंदन
  • अक्षत
  • रोली
  • कलावा
  • कपूर
  • रूई की बत्ती
  • घी
  • फल
  • मिठाई
  • प्रदोष व्रत कथा की पुस्तक
  • धूप
  • दीप
  • आरती की थाली

प्रदोष व्रत 2026: शुभ मुहूर्त

  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 16 मार्च 2026, सुबह 09:40 बजे से
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 17 मार्च 2026, सुबह 09:23 बजे तक
  • पूजा का सबसे शुभ समय (प्रदोष काल): शाम 06:30 बजे से रात 08:54 बजे तक

पूजा विधि

सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें. साफ कपड़े पहनकर मंदिर के सामने बैठें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. दिन भर सात्विक रहें. संभव हो तो निराहार रहें या फलाहार लें. मानसिक रूप से भगावन शिव के मंत्रो का जाप करते रहें.

शाम को सूर्यास्त से थोड़ा पहले पुनः स्नान करें. स्वच्छ सफेद वस्त्र पहनना शुभ होता है. शिवलिंग पर सबसे पहले जल, फिर पंचामृत और अंत में गंगाजल अर्पित करें. शिव जी को चंदन का तिलक लगाएं. फिर बेलपत्र, धतूरा और फूल चढ़ाएं. घी का दीपक जलाकर प्रदोष व्रत कथा पढ़ें या सुनें. इसके बाद भगवान शिव की आरती करें और उनसे अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें. पूजा के अगले दिन शुभ मुहूर्त पर पारण कर व्रत समाप्त करें.

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