खरमास के दौरान करें सूर्यदेव के इन मंत्रों का जाप, मिलेगा शुभ फल

Kharmas 2026: कल यानी 15 मार्च 2026 से खरमास शुरू होगा. जानें इस दौरान सूर्यदेव की पूजा कैसे करें और कौन-से मंत्रों का जाप करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

By Shaurya Punj | March 14, 2026 8:55 PM

Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास को एक विशेष धार्मिक काल माना जाता है. हालांकि इस अवधि को शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता, लेकिन यह समय पूजा-पाठ, जप और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद उत्तम माना गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार जब सूर्य का गोचर धनु या मीन राशि में होता है, तब खरमास की शुरुआत होती है. साल 2026 में 15 मार्च से सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही खरमास का आरंभ हो जाएगा. इस दौरान लगभग एक महीने तक विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.

खरमास में सूर्यदेव की पूजा का महत्व

खरमास के दौरान भगवान सूर्यदेव की आराधना करना अत्यंत शुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस समय सूर्यदेव की पूजा और मंत्र जाप करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है. साथ ही व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त होता है.

खरमास में सूर्यदेव के मंत्र

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस पवित्र समय में सूर्यदेव के इन मंत्रों का जाप करना फलदायी माना गया है.

  • ॐ सूर्याय नमः
  • ह्राँ ह्रीँ ह्रौं सः सूर्याय नमः
  • ॐ भास्कराय नमः
  • ॐ रवये नमः
  • ॐ तेजोरूपाय नमः
  • ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
  • ॐ ग्रहाणां पतये नमः
  • ॐ सकलजगतां पतये नमः

इन मंत्रों का नियमित जाप करने से व्यक्ति को भगवान सूर्य की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर हो सकती हैं.

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खरमास में सूर्यदेव की पूजा कैसे करें

खरमास के दौरान प्रतिदिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए. इसके बाद तांबे के लोटे में जल लें और उसमें हल्दी तथा गुड़हल का फूल डालें. फिर सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय “ॐ घृणिः सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें. मान्यता है कि इस विधि से सूर्यदेव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.