बगलामुखी जयंती 2026 आज, जानें मां को क्यों कहते हैं पीताम्बरा

Baglamukhi Jayanti 2026: आज 24 अप्रैल को बगलामुखी जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है. मान्यता है कि माँ बगलामुखी की पूजा से शत्रु बाधाएं दूर होती हैं, वाणी पर नियंत्रण मिलता है तथा जीवन में विजय और सफलता प्राप्त होती है.

By Neha Kumari | April 24, 2026 10:01 AM

Baglamukhi Jayanti 2026: शुक्रवार के दिन बगलामुखी जयंती का पावन पर्व मनाया जा रहा है. मां बगलामुखी को पीताम्बरा देवी भी कहा जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां बगलामुखी का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है. माँ को दस महाविद्याओं में आठवाँ स्थान प्राप्त है. माँ बगलामुखी को ‘स्तम्भन’ की देवी माना जाता है, जो शत्रुओं की बुद्धि और वाणी को स्तम्भित (रोकने) की शक्ति रखती हैं.

मां को क्यों कहा जाता है ‘पीताम्बरा’?

‘पीत’ का अर्थ है पीला और ‘अम्बर’ का अर्थ है वस्त्र. माँ बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है. मान्यता है कि वे स्वर्ण के समान आभा वाली हैं और सदैव पीले वस्त्र धारण करती हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, सतयुग में जब भीषण तूफान से सृष्टि नष्ट होने लगी थी, तब भगवान विष्णु ने तपस्या की. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर माँ बगलामुखी ‘हरिद्रा सरोवर’ (हल्दी की झील) से पीले रंग के जल से प्रकट हुईं. इसी कारण उन्हें पीताम्बरा कहा जाता है.  उनकी पूजा में पीले फूल, पीले वस्त्र, हल्दी की माला और पीले नैवेद्य का ही प्रयोग किया जाता है. पीला रंग मंगल और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.

बगलामुखी जयंती 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था. इस वर्ष तिथियों का समय इस प्रकार है:

  • अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 23 अप्रैल 2026 को रात 08:49 बजे से
  • अष्टमी तिथि का समापन: 24 अप्रैल 2026 को शाम 07:21 बजे तक
  • उदया तिथि: 24 अप्रैल होने के कारण आज ही मुख्य पूजा और व्रत किया जा रहा है
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक 

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