आमलकी एकादशी में क्यों की जाती है आंवले के वृक्ष की पूजा, जानें

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का विशेष महत्व है. जानें इस एकादशी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय और पूजा विधि.

By Shaurya Punj | February 18, 2026 12:58 PM

Amalaki Ekadashi 2026: फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आने वाली आमलकी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाली तिथि माना जाता है. यह दिन भगवान विष्णु की उपासना और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर देता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने पर जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है.

क्या है आमलकी एकादशी का शुभ मुहूर्त?

पुजारी परमस्वरूप शर्मा के अनुसार, वर्ष 2026 में एकादशी तिथि 27 फरवरी को सुबह 12:33 बजे से प्रारंभ होगी और उसी दिन रात 10:32 बजे तक रहेगी. व्रत का पारण 28 फरवरी की सुबह 6:47 बजे से 9:06 बजे के बीच किया जाएगा. इस बार आमलकी एकादशी पर चार विशेष शुभ योग बन रहे हैं—सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग. ऐसे शुभ संयोग में की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है.

आमलकी एकादशी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत करता है, उसे पापों से मुक्ति और विष्णु लोक की प्राप्ति होती है. इस दिन पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. संतान की इच्छा रखने वाले, धन में वृद्धि चाहने वाले तथा मानसिक शांति की कामना करने वालों के लिए यह व्रत विशेष रूप से फलदायी माना गया है.

आंवला पूजा का विशेष महत्व

आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा का खास महत्व है. मान्यता है कि आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है. इस दिन वृक्ष को जल अर्पित कर, दीप जलाकर और परिक्रमा कर पूजा की जाती है. श्रद्धा भाव से किया गया यह व्रत सकारात्मक ऊर्जा देता है, पापों का क्षय करता है और अधूरे कार्यों की सिद्धि में सहायक होता है. इसलिए भक्त पारण के शुभ समय का ध्यान रखते हुए विधिपूर्वक व्रत संपन्न करते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
Consultation: 8080426594 / 9545290847