कामिका एकादशी व्रत से बनते हैं बिगड़े काम

कामिका एकादशी को पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के उपेंद्र स्वरूप की पूजा की जाती है. इस बार यह पर्व रविवार, 28 जुलाई को है. यह व्रत करने से पूर्वजन्म की बाधाएं दूर होती हैं. इस पवित्र एकादशी के फल लोक और परलोक दोनों में उत्तम कहे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 27, 2019 2:34 AM

कामिका एकादशी को पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के उपेंद्र स्वरूप की पूजा की जाती है. इस बार यह पर्व रविवार, 28 जुलाई को है. यह व्रत करने से पूर्वजन्म की बाधाएं दूर होती हैं. इस पवित्र एकादशी के फल लोक और परलोक दोनों में उत्तम कहे गये हैं, क्योंकि इस व्रत को करने से हजार गौ दान के समान पुण्य प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

पूजा विधि
एकादशी के दिन किया जानेवाला व्रत समस्त पाप और कष्टों को नष्ट करके हर प्रकार की सुख-समृद्धि प्रदान करता है. इस दिन प्रात:काल स्नान से निवृत्त होकर पहले व्रत का संकल्प लें और भगवान विष्णु की पूजा प्रारंभ करें.
पूजन में प्रभु को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत आदि अर्पित करें. व्रत वाले दिन भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करें एवं भजन-कीर्तन करें. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करें. एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी को ब्राह्मण को भोजन और दक्षिणा देकर विदा करने के पश्चात ही भोजन ग्रहण करना चाहिए. श्री विष्णुजी को यदि संतुष्ट करना हो तो उनकी पूजा तुलसी पत्र से करें. ऐसा करने से न केवल प्रभु प्रसन्न होंगे, बल्कि आपके भी सभी कष्ट दूर हो जायेंगे. कामिका एकादशी व्रत की कथा सुनना यज्ञ करने के समान माना गया है.
कामिका एकादशी का महत्व
इस दिन भगवान विष्णु का पूजन करना अत्यंत लाभकारी माना गया है. इस व्रत के प्रभाव से सबके बिगड़े काम बनने लगते हैं. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा से भक्तों के साथ उनके पितरों के कष्ट भी दूर हो जाते हैं. कामिका एकादशी के अवसर पर तीर्थ स्थानों पर नदी, कुंड, सरोवर में स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है.
एकादशी व्रत मुहूर्त : पारणा मुहूर्त- 05:40:30 से 08:23:17 तक (29, जुलाई, 2019 को).