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Home Religion सौभाग्य की कामना के साथ महिलाएं कर रहीं वट सावित्री व्रत, सोमवती अमावस्या के कारण बढ़ गया है इसका विशेष महत्व

सौभाग्य की कामना के साथ महिलाएं कर रहीं वट सावित्री व्रत, सोमवती अमावस्या के कारण बढ़ गया है इसका विशेष महत्व

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सौभाग्य की कामना के साथ महिलाएं कर रहीं वट सावित्री व्रत, सोमवती अमावस्या के कारण बढ़ गया है इसका विशेष महत्व

आज वट सावित्री है. सुहागिन महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी आयु के लिए पूजा-अर्चना करेंगी. सोमवार प्रात: 5.16 बजे सूर्योदय है. . सोमवार होने से व्रत की महत्ता और बढ़ गयी है. आज सोमवती अमावस्या भी है. यानी स्नान-दान और श्राद्ध की अमावस्या. इस बार स्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि अौर त्रिग्रही योग बन रहा है. अमावस्या तिथि आज दिन के 3.31 बजे तक रहेगी.

साथ ही भगवान शनि देव जी की जयंती मनायी जायेगी. इसके अलावा फलहारिणी काली पूजा भी है. सोमवार को दिन के 3.32 बजे से शुक्ल पक्ष का प्रतिपदा शुरू हो जायेगा. शुक्ल पक्ष में एक तिथि लुप्त है. 12 जून को गंगा दशहरा का त्योहार है. 16 जून को व्रत की पूर्णिमा है. इसी दिन दक्षिण भाषा भाषी लोगों का व्रट सावित्री व्रत है. 17 जून को स्नान दान की पूर्णिमा है.

पूजा को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गयी है. घरों में विशेष पकवान बनाये गये हैं. रविवार को फल आम, लीची, केला, नारियल, पंखा, सूता सहित पूजा की अन्य सामग्रियों की खरीदारी की गयी. इसको लेकर बाजार में विशेष चहल पहल दिखी. उधर, नवविवाहितों के घरों में विशेष तैयारी की गयी है. घरों में गीत नाद के बीच प्रसाद बनाये गये हैं. वहीं पूजा के लिए मंगाये गये पंखे आदि को भी कपड़ा आदि लगाकर सजाया गया है. नवविवाहितों के मायके से पूजन सामग्री सहित कपड़ा, फल, पकवान आ गये हैं.

मेहंदी लगाने के लिए लगी रही कतार

वट सावित्री पर पूजा-अर्चना के लिए राजधानी के विभिन्न मंदिरों में भीड़ उमड़ेगी. विशेषकर पहाड़ी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में व्रती बरगद वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना कर कथा आदि सुनेंगी. सूता लपटेंगी. पति की लंबी आयु की कामना करेंगी. इधर, मेहंदी लगाने के लिए बाजार में सोमवार को कतार लगी रही.

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