[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Prabhat Literature इंडिया बुक रिकॉर्ड में शामिल होगा मशहूर शायर देवेंद्र गोयल मांझी का ”मांझी तुकांत कोश”

इंडिया बुक रिकॉर्ड में शामिल होगा मशहूर शायर देवेंद्र गोयल मांझी का ”मांझी तुकांत कोश”

0
इंडिया बुक रिकॉर्ड में शामिल होगा मशहूर शायर देवेंद्र गोयल मांझी का ”मांझी तुकांत कोश”

नयी दिल्ली : देश के मशहूर शायर और पत्रकार देवेंद्र गोयल मांझी के ‘मांझी तुकांत कोश’ को वर्ष 2020 में इंडिया बुक रिकॉर्ड में शामिल किया जायेगा. साहित्य जगत में ‘मांझी’ के नाम से लोकप्रिय देवेंद्र गोयल मांझी की गजलों की पुस्तक ‘मैं हादिसा हूं’ काफी लोकप्रिय हुई थी. इसके पहले मांझी ने करीब तीन खंडों में हिंदी-अंग्रेजी-उर्दू का शब्दकोश की भी रचना की है.

10 अप्रैल, 1957 को जन्मे देवेंद्र मांझी गोयल दिल्ली के द्वारका में रहते हैं. उनकी ‘मांझी तुकांत कोश’ का प्रकाशन इसी साल मार्च में हुआ है. मांझी की इस पुस्तक को इंडिया बुक रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए 11 अप्रैल, 2019 को सुनिश्चत किया गया.

इस बारे में पुस्तक के रचयिता देवेंद्र गोयल मांझी ने बताया कि उन्हें इस बात का हमेशा ख्याल रहता कि हिंदी में कोई ऐसी तुकांत कोश की रचना नहीं की गयी है, जिससे कवि और शायरों को शब्दों के सार्थक चयन में मदद मिल सके. उन्होंने बताया कि साहित्यकारों के तुकांतकारी शाब्दिक भंडार को बढ़ाने के ख्याल से इस पुस्तक की रचना की गयी है. उन्होंने बताया कि इस पुस्तक की रचना करने में उन्हें कई सालों तक मेहनत करनी पड़ी है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel