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Home Prabhat Literature द्वितीय जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान कवि राजेश जोशी को दिये जाने की घोषणा

द्वितीय जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान कवि राजेश जोशी को दिये जाने की घोषणा

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द्वितीय जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान कवि राजेश जोशी को दिये जाने की घोषणा


नयीदिल्ली:
जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मारक नि‍धि‍ द्वारा संचालि‍त जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान नि‍र्णायक समि‍ति‍ ने बाबा नागार्जुन की पुण्‍यति‍थि‍ की पूर्व संध्‍या पर आयोजि‍त बैठक में सर्वसम्‍मति‍ से नि‍र्णय लि‍या कि‍ इस वर्ष जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान हिंदी के श्रेष्‍ठ कवि‍ राजेश जोशी को दि‍या जाये. राजेश जोशी जनकवि‍ नागार्जुन की परंपरा के कवि‍ हैं. वे लंबे समय से अपने समय की सामाजि‍क राजनीति‍क समस्‍याओं और सवालों से जुड़ी हुई प्रभावशाली कवि‍ताएं लि‍खते रहे हैं.

अब तक उनके पांच कवि‍ता संग्रहों के अलावा कई नाटक, समालोचनात्‍मक कृति‍यां और बच्‍चों के लि‍ए उपयोगी रचनाएं प्रकाशि‍त हो चुकी हैं. वि‍शि‍ष्‍ट रचनात्‍मक अवदान के लि‍ए अब तक उन्‍हें पहल सम्‍मान, साहि‍त्‍यि‍क अकादमी पुरस्‍कार सहि‍त कई सम्‍मानों से सम्‍मानि‍त कि‍या जा चुका है. 73 वर्षीय जोशी इन दि‍नों भोपाल में रहते हैं. जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान नि‍र्णायक समि‍ति के सदस्‍य हैं—प्रो. मैनेजर पांडेय, मंगलेश डबराल, मदन कश्‍यप, उपेंद्र कुमार एवं देवशंकर नवीन. जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मारक नि‍धि की स्‍थापना वर्ष 2017 में बाबा नागार्जुन की स्‍मृति‍ में हुई थी. वर्ष 2018 में नागार्जुन जयंती के दि‍न संस्‍था ने प्रथम जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान नरेश सक्‍सेना को दि‍या गया.

राजेश जोशी का परिचय

राजेश जोशी को साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है. इनका जन्म मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ जिले में 1946 में हुआ है. राजेश जोशी पत्रकारिता से जुड़े रहे और कुछ सालों तक अध्यापन का कार्य भी किया. राजेश जोशी ने कविताओं के अलावा कहानियां, नाटक, लेख और टिप्पणियां भी लिखी हैं. राजेश जोशी की प्रसिद्ध रचनाओं में चार कविता-संग्रह- एक दिन बोलेंगे पेड़, मिट्टी का चेहरा, नेपथ्य में हंसी और दो पंक्तियों के बीच है. इसके अतिरिक्त दो कहानी संग्रह – सोमवार और अन्य कहानियां, कपिल का पेड़, तीन नाटक – जादू जंगल, अच्छे आदमी, टंकारा का गाना. इन्हें शमशेर सम्मान, पहल सम्मान, मध्य प्रदेश सरकार का शिखर सम्मान और माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार भी मिल चुका है.

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