क्या है सही प्रत्याशी होने का मानदंड

चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक दलों में उथल-पुथल मच जाती है. सभी दल अपने घोषणा पत्र जारी कर चुके हैं. इस बीच सवाल यह भी पैदा होता है कि क्या आज से पहले पार्टियों नेता, प्रवक्ता और कार्यकर्ता नहीं हुआ करते थे? क्या इससे पहले किसी राजनीतिक दल की ओर से चुनावी घोषणा पत्र […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 27, 2014 11:27 PM
चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक दलों में उथल-पुथल मच जाती है. सभी दल अपने घोषणा पत्र जारी कर चुके हैं. इस बीच सवाल यह भी पैदा होता है कि क्या आज से पहले पार्टियों नेता, प्रवक्ता और कार्यकर्ता नहीं हुआ करते थे? क्या इससे पहले किसी राजनीतिक दल की ओर से चुनावी घोषणा पत्र जारी नहीं किये गया है?
चुनाव के पहले घोषणा पत्र जारी करके मतदाताओं को सिर्फ बरगलाने का काम किया जा रहा है. सभी राजनीतिक दल और बुद्धिजीवियों की ओर से सही प्रत्याशी को वोट देने की अपील की जा रही है, लेकिन कभी क्या किसी ने अब तक सही प्रत्याशी की परिभाषा बतायी है? क्या कभी राजनीतिक दलों से यह कहा गया है कि आप साफ-सुथरी छविवाले को ही मैदान में उतारें. सही प्रत्याशी का मानदंड क्या होना चाहिए, पहले यह तो स्पष्ट करें राजनीतिक दल.
मलय कुंडू, सरायकेला-खसरसावां