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Home Opinion बेच-बेच कर महाबली बने!

बेच-बेच कर महाबली बने!

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आलोक पुराणिक

वरिष्ठ व्यंग्यकार

puranika@gmail.com

चालू विश्वविद्यालय ने भारत-चीन संबंधों पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया, इसमें प्रथम पुरस्कार विजेता निबंध इस प्रकार है-चीन महाबली देश है, भारत भी महाबली देश है. पर चीन कितना भी महाबली हो जाये, आखिर में उसे पता है कि माल बेचना है. माल बेचना पड़ता है. बड़े-बड़े महाबली कुछ-न-कुछ माल बेचते हुए पाये जाते हैं.

यूं कहें कि बड़े-बड़े महाबली बन ही इसलिए पाते हैं कि उन्होंने कायदे से बहुत कुछ बेचा होता है. बिना कुछ कायदे से बेचे हुए कोई महाबली नहीं बनता. फ्रांस भी महाबली देशों में है, क्योंकि वह भारत को राफेल और तमाम देशों को बहुत कुछ बेचता है. चीन महाबली इसलिए है कि तमाम देशों में बिकनेवाले मोबाइल फोन चाईनीज हैं.

दीवाली के आसपास बिकनेवाली गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां भी चाईनीज होती हैं. कुल मिला कर माल बेचने से महाबली हो जाते हैं और महाबली होकर भी अंत में माल ही बेचना होता है.

बड़े-बड़े महाबली सेल्समैन बने हुए दिखते हैं- ये ले लो, ले लो सस्ता लगा देंगे. अमिताभ बच्चन से लेकर आमिर खान और रणवीर सिंह तक चीनी आइटम बेच रहे हैं. चीन का घणा सांस्कृतिक महत्व है और उनके आइटम बेचनेवाले ब्रांड एंबेसडरों की अर्थव्यवस्था में भी चीन का भारी महत्व है.

भारत में जब चीन के शीर्ष नेता जिनपिंग आये, तो पाकिस्तान ने नाराजगी टाइप कुछ व्यक्त किया. इस पर पाकिस्तान को हड़काया गया कि तुझे तो भीख मिलती है चीन से, वह भी उसी रकम से आती है, जो चीनी कंपनियां भारत में तमाम आइटम बेच कर कमाती हैं. भीख देनेवाला पूरी दुनिया में माल बेच कर रकम इकठ्ठी करता है, तब ही भीख देने की हैसियत बन पाती है.

पाकिस्तान चूंकि भिखारी देश है, इसलिए उसे कारोबार का नहीं पता. बेचने के नाम पर पाकिस्तान को अपने मुल्क के शहर बेचना आता है, अपने मुल्क के एयरपोर्ट बेचना आता है. धीमे-धीमे पाकिस्तान अपने शहरों को बेच रहा है, एक दिन पाकिस्तान भी चीन हो जायेगा, बिकते-बिकते.

अमेरिका नामक महाबली मुल्क पूरी दुनिया में माल बेचता है- हमारी ये दवाईयां खरीद लो, हमारे ये औजार खरीद लो. हार्ट में डलनेवाले अमेरिकन स्टंेट खरीद लो. खरीद लो, सस्ता लगा देंगे.

सस्ता लगा दें, इसके लिए जरूरी है कि इन पर टैक्स ना ठोंको. माल बेचने का हुनर आना जरूरी है, नहीं तो कोई देश महाबली न हो पाता. एक जमाने में ब्रिटेन को यह हुनर आता था. तब ब्रिटेन महाबली था. अब ब्रिटेन का हाल सौ साल पहले के सुपर स्टार जैसा है, जिसके पास कहानियां तो बहुत होती हैं, पर वर्तमान में दिखाने के काबिल कुछ न होता.

जो कायदे से बेचने का इंतजाम न कर पाता, उसके घर भी एक दिन बिक जाते हैं. चीनी कंपनियां लगातार नया-नया बेचती रहती हैं. चीनी मोबाइल कंपनियां चाहती हैं- भारतीय ग्राहक चीनी मोबाइल खरीदें और खरीदने के दो महीने के अंदर ही उसे फेंक कर नया चाइनीज फोन खरीद लें.

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