श्रम कल्याण मंत्री संतोष गंगवार का बयान शर्मनाक

यह हमारे समाज की विडंबना है कि आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को हेय दृष्टि से देखा जाता है. उत्तर भारतीय लोग भले ही आर्थिक रूप से पीछे हों, परंतु उनमें योग्यता की कोई कमी नहीं है. भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद हों या जवाहरलाल नेहरू सभी उत्तर भारत की मिट्टी से ही जन्म […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 17, 2019 7:24 AM
यह हमारे समाज की विडंबना है कि आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को हेय दृष्टि से देखा जाता है. उत्तर भारतीय लोग भले ही आर्थिक रूप से पीछे हों, परंतु उनमें योग्यता की कोई कमी नहीं है. भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद हों या जवाहरलाल नेहरू सभी उत्तर भारत की मिट्टी से ही जन्म लिये.
आजादी की लड़ाई में मंगल पांडे, चंद्रशेखर आजाद और पटना के सचिवालय पर झंडा फहराने में शहीद हुए सात स्वतंत्रता सेनानी उत्तर भारतीय ही थे. हाल ही में यूपीएससी परीक्षा में 400 पद उत्तर भारतीयों ने ही कब्जा किया. ऐसे में श्रम कल्याण मंत्री संतोष गंगवार का बयान उत्तर भारतीय लोगों में काबिलियत नहीं होती, शर्मनाक है. भारत के सभी राज्यों में उत्तर भारतीय मेहनत व हुनर से अपना लोहा मनवा रहे हैं.
आनंद पाडेय, रोसड़ा (समस्तीपुर)