धनबाद की सड़कों पर ब्रेक

झारखंड की कोयला नगरी धनबाद की मुख्य सड़कों की दयनीय स्थिति देख कर विकास की तीव्र गति का दावा खोखला प्रतीत होता है. कंबाइंड बिल्डिंग से गोविंदपुर तक हर 100- 150 मीटर पर सड़कों पर कटिंग मिलते हैं, जहां गाड़ी के चक्के पड़ते ही कलेजा मुंह को आ जाता है.... इन खस्ताहाल सड़कों की वजह […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 10, 2019 1:56 AM

झारखंड की कोयला नगरी धनबाद की मुख्य सड़कों की दयनीय स्थिति देख कर विकास की तीव्र गति का दावा खोखला प्रतीत होता है. कंबाइंड बिल्डिंग से गोविंदपुर तक हर 100- 150 मीटर पर सड़कों पर कटिंग मिलते हैं, जहां गाड़ी के चक्के पड़ते ही कलेजा मुंह को आ जाता है.

इन खस्ताहाल सड़कों की वजह से ऑटो पर बैठे सवारियों को चोट लगती ही रहती है. सड़कों के किनारे इतने खतरनाक गड्ढे हैं कि दुर्घटनाएं आम बात हो गयी हैं. सड़क के डिवाइडर मौत को खुला निमंत्रण देते हैं.
जहां -तहां आवारा पशुओं की जमात सड़कों पर अपना कब्जा जमाये रहते हैं. इसे दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि पूरे देश में जाना पहचाना यह शहर इस हालात में है कि मुहल्लों को जोड़ने वाली गलियों में पीसीसी पथ का निर्माण नहीं हो पाया है. गलियों में कीचड़ और जलजमाव के बीच मकानों की अट्टालिकाओं का होना काले हीरे की राजधानी को शर्मसार बनाता है.
आरती देव, सरायढेला, धनबाद