गुरुओं के सम्मान का दिन है शिक्षक दिवस

भारत रत्न भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है.... गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति का एक अहम पवित्र हिस्सा है. एक कुशल अध्यापक अपने छात्रों के लिए अनुकरणीय होते हैं, जिसमें छात्र अपना संपूर्ण प्रतिबिंब देख सकता है. शिक्षक ही […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 6, 2019 7:47 AM

भारत रत्न भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है.

गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति का एक अहम पवित्र हिस्सा है. एक कुशल अध्यापक अपने छात्रों के लिए अनुकरणीय होते हैं, जिसमें छात्र अपना संपूर्ण प्रतिबिंब देख सकता है. शिक्षक ही छात्रों को जिंदगी जीने का सही सलीका सिखाते हुए लक्ष्य की ओर अभिप्रेरित करते हैं.

शिक्षक दिवस के दिन हम अपने आदर्श गुरुजनों के प्रति अपना सम्मान प्रकट कर उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षकों व छात्रों का यह परम कर्तव्य होना चाहिए कि वे आदर्शवाद और मानवतावादी विचारधारा को बेहतर ढंग से समझते हुए एक बेहतर समाज निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करें.

सौरभ भारद्वाज, इ-मेल से