बारिश के पानी को संचित करने की है आवश्यकता
बिहार में खेती पर अधिक लोग निर्भर हैं. यहां का अधिकतर भूखंड मैदानी है, जो कृषि योग्य है. पिछले कुछ वर्षों में जल का स्तर यहां काफी नीचे चला गया है. गया और पटना ऐसे शहर है, जहां पानी की किल्लत कम होती थी. पर, यहां भी पानी का संकट शुरू हो गया है. हालांकि, […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
July 9, 2019 6:55 AM
बिहार में खेती पर अधिक लोग निर्भर हैं. यहां का अधिकतर भूखंड मैदानी है, जो कृषि योग्य है. पिछले कुछ वर्षों में जल का स्तर यहां काफी नीचे चला गया है. गया और पटना ऐसे शहर है, जहां पानी की किल्लत कम होती थी. पर, यहां भी पानी का संकट शुरू हो गया है. हालांकि, मॉनसून शुरू हो गया है. बारिश भी हो रही है. किसानों के चेहरे पर मुस्कान आ गयी है.
पर, यह हमेशा बरकरार तब रहेगा, जब बारिश के पानी का तालाब, झील, नहर व कुओं में संचय होगा. हमें सामूहिक रूप में जल के महत्व को समझते हुए माॅनसून के पानी को समेटना होगा. इसके लिए सभी लोगों को पहल करने की जरूरत है. किसानों को भी बारिश के पानी को तालाबों व कुओं में जमा कर रखना चाहिए.
नितेश कुमार सिन्हा, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)
ये भी पढ़ें...
July 6, 2026 2:02 PM
July 6, 2026 10:00 AM
July 3, 2026 6:38 PM
July 2, 2026 4:58 PM
July 2, 2026 4:29 PM
July 1, 2026 7:59 PM
July 1, 2026 5:02 PM
July 1, 2026 11:29 AM
June 30, 2026 12:42 PM
June 30, 2026 12:19 PM
