बदली गांव की परिभाषा यहां शहर जैसी सुविधा
भारत के गावों की परिभाषा तेजी से बदल रही है. कारण है, गावों में बहती विकास की धारा. आज स्थिति है कि गावों में नल-जल योजना, सड़क और बिजली के साथ साथ इंटरनेट सेवा भी गांवों में मिल रही है. गांवों में शहरों जैसी सुविधा मिल रही है. इसका सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
July 4, 2019 6:52 AM
भारत के गावों की परिभाषा तेजी से बदल रही है. कारण है, गावों में बहती विकास की धारा. आज स्थिति है कि गावों में नल-जल योजना, सड़क और बिजली के साथ साथ इंटरनेट सेवा भी गांवों में मिल रही है. गांवों में शहरों जैसी सुविधा मिल रही है. इसका सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि अब गांव के लोग सीधे शहर से जुड़ गये हैं. भौतिक वस्तुओं की उपलब्धता हो गयी है, जिसने ग्रामीण जीवन सुलभ कर दिया है.
नाकारात्मक परिणाम यह है कि लोगों की जीवनचर्या बदल गयी है. परंपरा, भाईचारा और सहयोग की भावना आदि खत्म हो रहे हैं. इसलिए आधुनिकता के साथ अपनी विरासत को संभालने का भी प्रयास करना चाहिए. इसके लिए विशेष आंदोलन चलाने की जरूरत है. लोगों को जागरूक कर अपनी परंपराओं को संजाेने के लिए प्रेरित करना चाहिए.
आदित्य मिश्रा, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)
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