बच्चों की मौत स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ा सवाल

बिहार में इंसेफ्लाइटिस अर्थात दिमागी बुखार का प्रकोप जारी है. मुजफ्फरपुर से शुरू होकर अब यह आसपास के जिलों में भी अपना पांव पसार चुका है.... इस बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. आग उगलती गर्मी, डॉक्टरों का हड़ताल और अस्पताल में सुविधा की कमी बचाव के प्रयास में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 19, 2019 6:42 AM

बिहार में इंसेफ्लाइटिस अर्थात दिमागी बुखार का प्रकोप जारी है. मुजफ्फरपुर से शुरू होकर अब यह आसपास के जिलों में भी अपना पांव पसार चुका है.

इस बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. आग उगलती गर्मी, डॉक्टरों का हड़ताल और अस्पताल में सुविधा की कमी बचाव के प्रयास में बाधा उत्पन्न कर रहा है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री कह रहे हैं सब ठीक है.

जब सब ठीक है, तो बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला रुक क्यों नहीं रहा? विकसित बिहार में नागरिक सुविधाएं इतनी बदहाल हैं िक विकसित राज्य कहने में ग्लानि होती है. बीमारी की पहचान करने में असक्षम डॉक्टरों और दवा विहीन अस्पतालों में रोज-ब-रोज बढ़ रही नौनिहालों की असमय मौत की संख्या हमें व्यथित करता है.

आनंद पांडेय, रोसड़ा (समस्तीपुर)