मिल-बैठ कर समाधान निकालें

पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा के बाद अब जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने हालात को और भी खराब कर दिया है. इलाज के अभाव में मरीज परेशान हैं, लेकिन इस पूरे प्रकरण में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ी गैर जिम्मेदारी दिखायी है. राजनीतिक हिंसा के लिए जहां उन्होंने सीधे-सीधे केंद्र सरकार को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 17, 2019 5:47 AM
पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा के बाद अब जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने हालात को और भी खराब कर दिया है. इलाज के अभाव में मरीज परेशान हैं, लेकिन इस पूरे प्रकरण में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ी गैर जिम्मेदारी दिखायी है.
राजनीतिक हिंसा के लिए जहां उन्होंने सीधे-सीधे केंद्र सरकार को दोषी ठहरा दिया, वहीं डॉक्टरों की हड़ताल को भाजपा-माकपा प्रायोजित बताने में भी देरी नहीं की. उन्मादी भीड़ के हमले में घायल डॉक्टरों को देखना तक उन्होंने जरूरी नहीं समझा, हमलावरों की गिरफ्तारी तो बहुत दूर की बात है.
दूसरी तरफ, डॉक्टरों के लिए भी उचित होता कि वे हड़ताल को सांकेतिक रखते हुए मरीजों का इलाज करते रहते. बहरहाल, जितनी जल्दी हो सके दोनों पक्ष मिल-बैठ कर इस समस्या का समाधान तलाश लें, ताकि आम आदमी को हो रही भयानक परेशानी से मुक्ति मिल सके.
चंदन कुमार, देवघर.