स्टूडेंट्स अपने लक्ष्य और उद्देश्य के प्रति रहें जागरूक

बिहार के विद्यालयों में जो शिक्षा पद्धति लागू की गयी है, उस पर विचार करना आवश्यक प्रतीत होता है. हमारा बिहार शुरू से ही पिछड़ा प्रदेश माना जाता रहा है और यहां के अधिकांश नागरिक कृषि से अपना जुड़ाव रखते हैं. स्कूल और कॉलेज में जो बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं, वे विशेषकर मध्यमवर्गीय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 5, 2019 7:58 AM
बिहार के विद्यालयों में जो शिक्षा पद्धति लागू की गयी है, उस पर विचार करना आवश्यक प्रतीत होता है. हमारा बिहार शुरू से ही पिछड़ा प्रदेश माना जाता रहा है और यहां के अधिकांश नागरिक कृषि से अपना जुड़ाव रखते हैं. स्कूल और कॉलेज में जो बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं, वे विशेषकर मध्यमवर्गीय और निम्न मध्यवर्गीय परिवार के होते हैं. उनके अभिभावक अधिक धन नहीं कमाते हैं और उनके पास अधिक आय के स्रोत भी नहीं हैं.
यहां मैं वर्तमान शिक्षा पद्धति के परिप्रेक्ष्य में कुछ बातें रखना चाहता हूं, क्योंकि प्रायः मैं देखता हूं कि जो बच्चे स्कूल-कॉलेज में पढ़ते हैं वह केवल परीक्षा पास करने के लिए पढ़ते हैं. उनका जीवन का लक्ष्य होता है केवल अच्छी सैलरी वाली नौकरी प्राप्त करना. जबकि सच्चाई यह है कि बच्चों को अपने लक्ष्य और उद्देश्य के प्रति सदैव जागरूक बने रहना चाहिए.
विनय कुमार, पटना