करत-करत अभ्यास से

संतोष उत्सुक वरिष्ठ व्यंग्यकार santoshutsuk@gmail.com किसी भी काम को करने के अनगिनत तरीके हो सकते हैं, काम निबटाने के तो सौ से ज्यादा भी हो सकते हैं. काम करने के सही और गलत रास्ते हो सकते हैं. काम अच्छा है या बुरा यह सोच से जुड़ा अलग विषय है. राजनीतिक कुर्ता-पाजामा पहननेवालों के दिन हमेशा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 27, 2019 6:47 AM
संतोष उत्सुक
वरिष्ठ व्यंग्यकार
santoshutsuk@gmail.com
किसी भी काम को करने के अनगिनत तरीके हो सकते हैं, काम निबटाने के तो सौ से ज्यादा भी हो सकते हैं. काम करने के सही और गलत रास्ते हो सकते हैं. काम अच्छा है या बुरा यह सोच से जुड़ा अलग विषय है.
राजनीतिक कुर्ता-पाजामा पहननेवालों के दिन हमेशा रंगीन रहते हैं. अक्सर सफेद पाजामा और ब्रांडेड सफेद जूते पहननेवाले समाजसेवी बताते हैं कि उनका काम भी बहुत मेहनत का है, उन्हें ऐसी ड्रेस के चार जोड़े रखने पड़ते हैं.
राजनीतिक प्रचार का खाना बांटने के लिए अक्सर गंदे लोगों के बीच जाना पड़ता है कि वापिस आकर गाड़ी भी धुलवानी पड़ती है और ज्यादा खुशबूदार साबुन से नहाना पड़ता है. इतने झूठे आश्वासन देने पड़ते हैं कि जीभ भी अकड़ने लगती है.
पुराने जमाने में हमारे शहर के विधायक के पास जब आम वोटर काम के लिए जाता था, तो झट से लैंडलाइन पर नंबर घुमाकर कह देते थे- इनको भेज रहा हूं देख लेना. वास्तव में वे अपने परिवारवालों को सरकारी नौकरियां दिलाने में बहुत मेहनत करते थे.
निन्यानवे समस्याएं इकट्ठी होकर सरकारी कुर्सियों के पास पहुंच ही गयीं, तो उनके जवाबों का गुलदस्ता कुछ ऐसा रहा- कंप्यूटर खराब था, शिकायत की जानकारी हमें नहीं है, समाधान शीघ्र कर दिया जायेगा, मामला कभी हमारे संज्ञान में आया ही नहीं, विशेषज्ञों की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और लोकप्रिय सरकार के समक्ष रखी जायेगी.
कोई बात नहीं, प्रस्ताव दोबारा भेजें, कुछ-न-कुछ अवश्य करेंगे. किसी ने बताया ही नहीं, हम तो चौबीस घंटे में समाधान कर देते और कोई विवाद भी न होने देते. हम इसको गंभीरता से ले रहे हैं, जल्द फैसला करेंगे. पिछली सरकार के गलत फैसले पलटकर सही निर्णय लिये जायेंगे, जुर्माना वसूला जायेगा. जहां सीसीटीवी नहीं लगे, सख्त जांच करवायी जायेगी कि क्यों नहीं लगे. निर्देश न माननेवालों के खिलाफ एक्शन लिया जायेगा.
एक दिन अखबार ने छापा कि फलां धर्मशाला की चाभी नगरपालिका के पास है, फिर भी कोई बंदा कई दिनों से वहां रह रहा है, तो सरकारी अफसर ने बयान दिया- अभी किसी काम से बाहर आना पड़ा है, इस बारे में सही जानकारी नहीं दे सकता. लेकिन उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए सामान जब्त किया जायेगा. वहां के नेता ने काम करते हुए कहा कि पिछले दस साल से यह मुद्दा संसद में उठाया है, सरकार के पास और भी मुद्दे हैं, शायद थोड़ा समय और लग जाये.
समस्याओं की खबर छपी, नोटिस जारी किये गये थे, फिर जारी किये जा रहे हैं, भविष्य में भी जारी किये जायेंगे, किसी को भी कानून का उल्लंघन नहीं करने दिया जायेगा, पूरी छानबीन की जायेगी. यह कुछ ऐसा रहेगा कि प्रशासन सही सवाल करेगा और प्रशासन उचित जवाब देगा.
कुछ दिन बाद, वही सधे हुए सवाल, फिर वही जवाब. काम करनेवालों की परीक्षा खत्म, सब अव्वल नंबरों में पास हो जायेंगे. करत-करत अभ्यास से सब ठीक हो जाता है.