बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे निजी विद्यालय

कहते हैं बच्चे देश का भविष्य होते हैं. उनके भविष्य से खिलवाड़ देश से खिलवाड़ होगा. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि अभिभावक जिस अच्छी शिक्षा की आस में अपने बच्चों का दाखिला बड़े व महंगे विद्यालयों में करवाते हैं उस पर पानी फिरता हुआ दिख रहा है. निजी विद्यालयों के संचालक अधिक लाभ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 25, 2019 6:02 AM
कहते हैं बच्चे देश का भविष्य होते हैं. उनके भविष्य से खिलवाड़ देश से खिलवाड़ होगा. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि अभिभावक जिस अच्छी शिक्षा की आस में अपने बच्चों का दाखिला बड़े व महंगे विद्यालयों में करवाते हैं उस पर पानी फिरता हुआ दिख रहा है. निजी विद्यालयों के संचालक अधिक लाभ के लिए अयोग्य और कामचलाऊ शिक्षक रखते हैं.
शिक्षक साल भर के पाठ्यक्रम का नोट्स बना कर दे देते हैं, जिसे बच्चे रटते हैं. यह स्थिति चौथी व पांचवीं कक्षा के छात्रों की है. यह बहुत ही भयावह स्थिति है. इसलिए इसका एकमात्र विकल्प है कि अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में पढ़ाएं. यहां धन भी खर्च नहीं होता,जरूरत है थोड़ा ध्यान देने की.
आदित्य मिश्रा, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)