अभिभावक बच्चों पर विश्वास कर स्वरोजगार का दें मौका

हमारे देश की विडंबना देखिए. आज हम सबसे युवा देश हैं और हमारे युवाओं को मौका नहीं मिल पा रहा. न जाने कितने युवा बेरोजगारी की जंजीरों में फंसे हैं. आज यह स्थिति है कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या करें. सबों को नौकरी चाहिए. स्वरोजगार की बात अगर समाज या […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 19, 2019 7:45 AM
हमारे देश की विडंबना देखिए. आज हम सबसे युवा देश हैं और हमारे युवाओं को मौका नहीं मिल पा रहा. न जाने कितने युवा बेरोजगारी की जंजीरों में फंसे हैं.
आज यह स्थिति है कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या करें. सबों को नौकरी चाहिए. स्वरोजगार की बात अगर समाज या परिवार में करें, तो उसका मजाक बनाया जा रहा है. जिस तरह पकौड़े तलने का मजाक उड़ाया गया. नौकरियों का पिछड़े राज्यों में खासकर बिहार में बहुत महत्व रखता है. यहां का समाज स्वरोजगार को हीन भावना से देखता है.
हमें समझना होगा, खासकर अभिभावकों को कि उनके बच्चे नौकरी पाने के अलावा रोजगार करने में सक्षम हैं. बस थोड़ी-सी उन पर विश्वास किया जाये तो वे ऐसा कार्य कर जायेंगे, जिससे समाज विकसित होकर खुद पर गौरवान्वित महसूस करेगा.
अमित कुमार, रतनपूर (बेगूसराय)