लिंगानुपात भी बदलेगा
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय,भारत सरकार ने एक रिपोर्ट जारी किया जिसमें यह दिखाया गया कि 2015 से 2018 के बीच 60% बच्चे जिन्हें गोद लिया गया है, वे लड़कियां हैं. आंकड़े बताते हैं कि कुल 11,649 बच्चे को गोद लिया गया, जिनमें से 6,962 लड़कियां और 4,687 लड़के है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
February 14, 2019 8:05 AM
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय,भारत सरकार ने एक रिपोर्ट जारी किया जिसमें यह दिखाया गया कि 2015 से 2018 के बीच 60% बच्चे जिन्हें गोद लिया गया है, वे लड़कियां हैं.
आंकड़े बताते हैं कि कुल 11,649 बच्चे को गोद लिया गया, जिनमें से 6,962 लड़कियां और 4,687 लड़के है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने इस डाटा को लोकसभा में 8 फरवरी को जारी किया था. भारत उन देशों में आता है जहां लिंग अनुपात में काफी असमानता है. 1000 लड़कों पर मात्र 943 लड़कियां हैं.
भारत में लिंगानुपात कम हो सकता है, मगर गोद लेने की बात पर लड़कियां पहली पसंद होती है. अक्सर खबर आती है कि नवजात बच्चियों को कूड़ेदान में फेंक दिया गया है. कन्या भ्रूण हत्या भी प्रचलित है. अगर यह मानसिकता बदल जाये, तो देश की लिंग अनुपात भी बदलेगा.
अभिषेक मोहन, रांची
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