देश को चाहिए सामाजिक न्याय और सामाजिक परिवर्तन
वर्तमान समय में देश के लगभग सभी विश्वविद्यालयों के हालात देखें तो पता चलता है कि दलित, आदिवासी व पिछड़ा समाज के लिए आरक्षण के बावजूद देश के 496 कुलपति में मात्र छह आदिवासी, छह दलित और 36 पिछड़ा समाज से आते हैं. बाकी के सभी उच्च सामान्य वर्ग से आते हैं.... जबकि, हमारा संविधान […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
February 1, 2019 6:02 AM
वर्तमान समय में देश के लगभग सभी विश्वविद्यालयों के हालात देखें तो पता चलता है कि दलित, आदिवासी व पिछड़ा समाज के लिए आरक्षण के बावजूद देश के 496 कुलपति में मात्र छह आदिवासी, छह दलित और 36 पिछड़ा समाज से आते हैं. बाकी के सभी उच्च सामान्य वर्ग से आते हैं.
...
जबकि, हमारा संविधान समान शिक्षा व समान अधिकार की बात करता है. इन परिस्थितियों में 200 प्वाइंट रोस्टर को समाप्त कर 13 प्वाइंट विभागवार रोस्टर को लागू किया गया, तो एक बार फिर से बड़े ही साजिश के तहत दलित, आदिवासी व पिछड़ा समाज के हक को छीन लिया जायेगा. इसलिए देश में सामाजिक न्याय और सामाजिक परिवर्तन चाहिए तो पुन: 200 प्वाइंट रोस्टर को लागू करना होगा तभी सामाजिक न्याय व परिवर्तन संभव हो पायेगा.
नितेश कुमार सिन्हा, जानपुल चौक (मोतिहारी)
ये भी पढ़ें...
July 6, 2026 2:02 PM
July 6, 2026 10:00 AM
July 3, 2026 6:38 PM
July 2, 2026 4:58 PM
July 2, 2026 4:29 PM
July 1, 2026 7:59 PM
July 1, 2026 5:02 PM
July 1, 2026 11:29 AM
June 30, 2026 12:42 PM
June 30, 2026 12:19 PM
