रिश्तों को बर्बाद कर रहा सोशल मीडिया

एक समय था जब समाज में रिश्तों की बड़ी अहमियत हुआ करती थी. रिश्तों की डोर लोगों को आपस में जोड़े रखता था. लेकिन, जब से सोशल मीडिया ने इसमें दखल दिया है, उन रिश्तों में दरारें पड़नी शुरू हो गयी हैं. सोशल मीडिया के इस जमाने में रिश्तों का कोई भाव नहीं है. जिस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 24, 2018 6:37 AM
एक समय था जब समाज में रिश्तों की बड़ी अहमियत हुआ करती थी. रिश्तों की डोर लोगों को आपस में जोड़े रखता था. लेकिन, जब से सोशल मीडिया ने इसमें दखल दिया है, उन रिश्तों में दरारें पड़नी शुरू हो गयी हैं. सोशल मीडिया के इस जमाने में रिश्तों का कोई भाव नहीं है. जिस किसी के साथ, जब चाहे रिश्ते बना लो और जब जी चाहे उसे तोड़ दो.
अपनों से दूर हो जाओ, गैरों को गले लगाओ, दिल मिले न मिले, इंटरनेट का कनेक्शन जरूर मिले यह सब कुछ सोशल मीडिया की देन है. हालांकि, इसका सकारात्मक असर भी है, लेकिन व्यावसायिक व सामाजिक रूप से इसका प्रभाव अब तक प्रतिकूल ही रहा है. इसलिए जरूरी हो जाता है कि हम सभी संभलकर सोशल मीडिया का प्रयोग करें.
मो. सबीउद्दीन, अंधराठाढ़ी (मधुबनी)