यह है ट्रेन यात्री की दुर्दशा

आज आवाजाही के लिए ट्रेन हमारे लिए एक अहम साधन बन चुकी है और सरकार के लिए राजस्व का एक अच्छा स्रोत भी, लेकिन ध्यान सिर्फ स्लीपर क्लास वालों पर ही दिया जाता है. जनरल बोगी में चढ़ने वालों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है. टीटी का मन किया, तो टिकट चेक करते हैं, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 21, 2018 7:25 AM
आज आवाजाही के लिए ट्रेन हमारे लिए एक अहम साधन बन चुकी है और सरकार के लिए राजस्व का एक अच्छा स्रोत भी, लेकिन ध्यान सिर्फ स्लीपर क्लास वालों पर ही दिया जाता है. जनरल बोगी में चढ़ने वालों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है.
टीटी का मन किया, तो टिकट चेक करते हैं, वरना नहीं. अब ऐसे हालात में यात्री को खुद समझ में नहीं आता है कि क्या करे? दबंग लोग इसका लाभ उठा लेते हैं और सीधे-सादे लोग फंस जाते हैं. क्रोध तो तब आता है, जब आंखों के सामने बिना टिकट वालों को भी छोड़ दिया जाता है. खचाखच भरी जनरल बोगी में यात्रियों को देखने वाला कोई नहीं.
श्रीकांत दास, मधुपुर,देवघर