किसानों के साथ छलावा न हो

अबतक देश में कृषि वह मुकाम हासिल नहीं कर पायी है, जो उसे हासिल कर लेना चाहिए था. आज भी कृषक दीन-हीन दशा में जीवन बिताने के लिए मजबूर है. वह खेती तो करना चाहता है लेकिन सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता का न मिल पाना, मौसम की मार, कृषि तकनीकी की जानकारी का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 9, 2018 6:43 AM

अबतक देश में कृषि वह मुकाम हासिल नहीं कर पायी है, जो उसे हासिल कर लेना चाहिए था. आज भी कृषक दीन-हीन दशा में जीवन बिताने के लिए मजबूर है. वह खेती तो करना चाहता है लेकिन सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता का न मिल पाना, मौसम की मार, कृषि तकनीकी की जानकारी का अभाव आदि कुछ ऐसे कारक हैं, जिनसे वह आत्मनिर्भर नहीं बन पाता है.

कटु सच्चाई यह है कि प्राइवेट कंपनियां किसानों के साथ छलावा करती हैं. मसलन जो बीज, उर्वरक, दवाई आदि अन्य जरूरी सामान किसान किसी दुकान से खरीदता है, उसका निर्माण प्राइवेट कंपनियों के द्वारा किया जाता है. कई बार ऐसा देखा गया है कि वे सामान नकली होते हैं या उनमें मिलावट होती है. यदि हमारी सरकार कृषकों को कृषि के लिए आवश्यक चीजें गुणवत्तापूर्ण रूप में उपलब्ध कराएं तो किसानों को काफी सहूलियत हो.

डॉ जितेंद्र प्रताप, प्रतापगढ़