अनिता बोस के अनुरोध को गंभीरता से ले सरकार

कफन से भी वंचित भारत रत्न नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुत्री अनिता बोस ने 18 अगस्त को पुनः अपनी वेदना व्यक्त करते हुए भारत और जापान सरकार से नेताजी की अस्थियों को भारत लाने का अनुरोध किया है, जिससे कि उनकी अस्थियों को भी भारत की पवित्र नदियों में विसर्जित किया जा सके. उन्होंने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 24, 2018 5:43 AM
कफन से भी वंचित भारत रत्न नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुत्री अनिता बोस ने 18 अगस्त को पुनः अपनी वेदना व्यक्त करते हुए भारत और जापान सरकार से नेताजी की अस्थियों को भारत लाने का अनुरोध किया है, जिससे कि उनकी अस्थियों को भी भारत की पवित्र नदियों में विसर्जित किया जा सके.
उन्होंने कहा है कि मेरे पिता की आजाद भारत में लौटने की अभिलाषा थी, जो दुर्भाग्य से पूरी नहीं हो पायी. अनिता जी के मुताबिक 18 अगस्त 1945 को विमान दुर्घटना में ही नेताजी की मौत हुई थी और सितंबर 1945 से टोक्यो के रेनकोजी मंदिर में उनकी अस्थियां संरक्षित हैं.
जिस प्रकार मोदी जी की सरकार ने नेताजी से संबंधित फाइल्स को सार्वजनिक किये जाने की दिशा में पहल की थी, उसी प्रकार उनकी पुत्री की अपील को देशवासियों की अपील मान उनके अस्थिकलश को नेता जी जयंती (23 जनवरी) के पूर्व ही स्वदेश लाने की दिशा में ठोस पहल हाेनी चाहिए.
सुरजीत झा, गोड्डा