पौधारोपण व जलसंरक्षण

आज धरती का तापमान जिस तरह अनियमित और अनियंत्रित रूप से बढ़ रहा है और जिस तरह जलस्तर दिन- प्रतिदिन नीचे जा रहा है, निश्चय ही मानव जाति के साथ- साथ जीवमंडल में रहने वाले सभी जीवों के अस्तित्व के लिए भीषण खतरे का संकेत है. इसका समाधान समय रहते कर लेना अत्यंत आवश्यक है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 12, 2018 7:36 AM
आज धरती का तापमान जिस तरह अनियमित और अनियंत्रित रूप से बढ़ रहा है और जिस तरह जलस्तर दिन- प्रतिदिन नीचे जा रहा है, निश्चय ही मानव जाति के साथ- साथ जीवमंडल में रहने वाले सभी जीवों के अस्तित्व के लिए भीषण खतरे का संकेत है. इसका समाधान समय रहते कर लेना अत्यंत आवश्यक है. इसके लिए जरूरी है वृहद पैमाने पर पौधारोपण और जलसंरक्षण करना. वर्षा ऋतु का आगमन हो चुका है.
अब आवश्यकता इस बात की है कि हमें यथाशीघ्र एवं यथासंभव इस पुनीत कार्य में लग जाना चाहिए तथा अधिक से अधिक संख्या में पौधे (वृक्ष) लगाने के साथ-साथ वर्षा जल को भी संरक्षित करने का प्रबंध करना चाहिए. अगर हम इस कार्य में सफल होते हैं, तो धरती का तापमान, जलस्तर, वायु इत्यादि समस्त जीवों के अनुकूल हो जायेगा, अन्यथा आने वाले समय में स्थिति और भी खराब हो जायेगी.
अमित चौबे बाबू, केतात