बड़े साहबों की करामात

आइएएस प्रदीप कुमार की संपत्तियों की जब्ती कोई दुर्लभ घटना नहीं है. शासन को करीब से जाननेवालों को पता है कि यह आम है. बड़े अफसरों और नेताओं ने इस देश को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है. आम जनता को पंचायत और प्रखंड-स्तर की छोटी-मोटी गड़बड़ियों में उलझाकर ये लोग अपना दामन पाक साफ दिखाने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 23, 2018 5:22 AM
आइएएस प्रदीप कुमार की संपत्तियों की जब्ती कोई दुर्लभ घटना नहीं है. शासन को करीब से जाननेवालों को पता है कि यह आम है. बड़े अफसरों और नेताओं ने इस देश को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है.
आम जनता को पंचायत और प्रखंड-स्तर की छोटी-मोटी गड़बड़ियों में उलझाकर ये लोग अपना दामन पाक साफ दिखाने की भरपूर कोशिश करते हैं. झारखंड का भला तब तक नहीं हो सकता जब तक प्रभावशाली राजनीतिक नेतृत्व आइएएस संवर्ग पर नकेल न कस दे. प्रदीप कुमार वाला कारनामा तो अब भी हो रहा है, लेकिन कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं होता. बड़े साहबों का ईमानदार होने से ज्यादा ईमानदार दिखना आजकल फैशन हो गया है.
सरकार को अपने राज्य सेवा संवर्गों के पदाधिकारियों और कर्मियों पर भरोसा करके इनको प्रभावी बनाना चाहिए, ताकि अखिल भारतीय सेवा के साहबों की तथाकथित ईमानदारी का पर्दाफाश इनकी फील्ड पोस्टिंग के समय ही हो जाये.
आभा कुमारी, रांची