धर्म को जाति से न जोड़े

झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है और यहां की सभ्यता व संस्कृति सर्वधर्म सद्भाव की रही है. पर कुछ स्वार्थी और अवसरवादी तत्व समाज और राज्य की छवि बिगाड़ रहे हैं. यहां अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी और नक्सल समस्या मुंह खोले खड़ी है और मुख्यमंत्री कहते हैं कि धर्मांतरण यहां की मुख्य समस्या है. इसका आरोप ईसाई […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 11, 2017 8:57 AM
झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है और यहां की सभ्यता व संस्कृति सर्वधर्म सद्भाव की रही है. पर कुछ स्वार्थी और अवसरवादी तत्व समाज और राज्य की छवि बिगाड़ रहे हैं. यहां अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी और नक्सल समस्या मुंह खोले खड़ी है और मुख्यमंत्री कहते हैं कि धर्मांतरण यहां की मुख्य समस्या है. इसका आरोप ईसाई समुदाय पर लगाया जाता रहा है.

काफी संख्या में आदिवासी ईसाई धर्म के अनुयायी बन चुके हैं. धर्म बदलने से जाति नहीं बदलती है. आरक्षण प्राप्त जातियों को सिर्फ जाति के आधार पर आरक्षण मिलता है, न कि धर्म के आधार पर. मेरा विश्वास है कि हमारे नेतागण राजनीतिक रोटियां सेंकने की बजाय समाज की बेहतरी का प्रयास करेंगे.

राजन राज, रांची
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