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Home National रामजस की घटना पर लेख प्रकाशित करने की योजना ठंडे बस्ते में

रामजस की घटना पर लेख प्रकाशित करने की योजना ठंडे बस्ते में

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रामजस की घटना पर लेख प्रकाशित करने की योजना ठंडे बस्ते में

नयी दिल्ली : अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चल रही चर्चा के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज ने उस जर्नल को प्रकाशित करने की योजना को त्याग दिया जिसमें रामजस कॉलेज में हाल में हुई हिंसा पर कथित तौर पर एक लेख शामिल किया जाना था.

‘क्रिटिक’ शीर्षक वाले जर्नल को डेल्ही कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स (डीसीएसी) के पत्रकारिता के छात्र निकालते हैं. इसे भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी को एक कार्यक्रम में जारी करना था, जिसे रद्द कर दिया गया था .जहां छात्रों ने दावा किया कि जर्नल को कॉलेज के अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया क्योंकि इसमें 21 और 22 फरवरी की हिंसा की घटना पर एक लेख था. वहीं, डीसीएसी के प्राचार्य ने कहा कि सामग्री की जांच की जरुरत थी और छात्र इंतजार करने के इच्छुक नहीं थे.
इससे आक्रोशित छात्रों ने आज एक अन्य जर्नल ‘यथार्थ’ शुरु किया, जिसमें उसी सामग्री का प्रकाशन किया गया है. जर्नल की संपादक साधिका ने कहा, ‘‘प्राचार्य ने हमसे कहा कि रामजस कॉलेज में हुए संघर्ष में एबीवीपी की संलिप्तता की आलोचना करने वाले लेख को प्रकाशित नहीं किया जा सकता, क्योंकि मुद्दा संवेदनशील है. जब हमने लेख को हटाने या उसमें संशोधन करने से मना कर दिया तो हमसे कहा गया कि संस्करण को रद्द किया जाता है.
साधिका ने कहा, ‘‘सुब्रह्मण्यम स्वामी को आज आना था और सत्र के दौरान इसे लांच करना था। उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया और जर्नल को स्क्रैप कर दिया गया. इसलिए, हमने उसी सामग्री के साथ अपना जर्नल शुरु करने का फैसला किया. हमने कुछ पूर्व छात्रों की मदद से मुद्रण के लिए धन दिया.
कॉलेज प्राचार्य राजीव चोपडा ने फैसले का बचाव करते हुए कहा, ‘‘छात्रों ने समय पर हमसे संपर्क नहीं किया और सामग्री की जांच की जरुरत होती है. हम कुछ भी प्रकाशित करने की अनुमति नहीं दे सकते. चूंकि छात्र मेरे पूरी सामग्री पढ लेने तक इंतजार करने के इच्छुक नहीं थे, इसलिए हमें योजना त्यागनी पडी।” डीसीएसी ने कल सुब्रह्मण्यम स्वामी का कार्यक्रम रद्द कर दिया था। उसने कुछ दिन पहले स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया था.
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