चेन्नई :तमिलनाडु में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी के साथ बदलता जा रहा है. वी के शशिकला के मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेने पर एक ओर जहां अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ओ. पनीरसेल्वम अब बागी तेवर अपना लिया है. पनीरसेल्वम अचानक मरीना बीच स्थित दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की समाधि पर अकेले ध्यान में बैठ गये.
इसके बाद उन्होंने शशिकला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, धमकी दी गई इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा. उन्होंने कहा, अम्मा के दिखाए गये राह पर वो बिना कोई परेशानियों के चलते रहे और अपने कर्तव्यों का पालन करता गया. उन्होंने कहा, जब अम्मा (जयललिता) अस्पताल में भरती थीं तो उन्होंने मुझसे पूछा था मुख्यमंत्री बनने के बारे में. मैंने मुख्यमंत्री का पद संभाला, लेकिन लगातार मैं अपमानित होता रहा. ओ. पनीरसेल्वम ने कहा, पार्टी की ओर से उनपर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का दबाव दिया गया.यदि जनता और पार्टी कार्यकर्ता चाहें तो, मैं इस्तीफा वापस ले सकता हूं.मुख्यमंत्री उसी को बनना चाहिए जो पार्टी और सरकार दोनों की सुरक्षा कर सके, फिर चाहे वह मैं ना होऊं.
Chennai-TN CM O.Panneerselvam pays homage to Jayalalithaa at her memorial on Marina Beach;sits in a meditation position with his eyes closed pic.twitter.com/Uvax7iNFBN
— ANI (@ANI) February 7, 2017
इसके उलट आज भी अन्नाद्रमुक और बागी नेताओं के बीच जे जयललिता की मृत्यु को लेकर आरोप प्रत्यारोप जारी रहा. राज्यपाल विद्यासागर राव की योजना को लेकर अनिश्चितता के मद्देनजर अन्नाद्रमुक ने इस बात पर जोर दिया कि शशिकला को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाना राज्यपाल का संवैधानिक दायित्व है और इसे रोकने का कोई आधार नहीं है.
