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वित्तीय सहायता रोकने से भारत चिंतित नहीं: सुषमा

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वित्तीय सहायता रोकने से भारत चिंतित नहीं: सुषमा
नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत को वित्तीय सहायता रोकने के ब्रिटेन के निर्णय से सरकार ‘चिंतित’ नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की आर्थिक शक्ति की स्वीकार्यता है. नवंबर 2012 में ब्रिटेन सरकार ने कहा था कि भारत के साथ विकास संबंध साल 2015 से बदल जायेंगे और इनका स्वरुप वित्तीय सहायता से बदलकर तकनीकी सहायता कार्यक्रम के रुप में हो जायेगा. लोकसभा में सौगता बोस के पूरक प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, ‘‘ हम ब्रिटेन द्वारा वित्तीय सहायता रोकने से चिंतित नहीं है.
बल्कि हम इससे खुश है क्योंकि ब्रिटेन ने ऐसा हमारे देश की आर्थिक शक्ति को स्वीकार करते हुए किया है.’ उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच विकास संबंध बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं और वित्तीय सहायता अब तकनीकी सहयोग कार्यक्रम में बदल गई है जहां निजी क्षेत्र की परियोजनाओं में निवेश के साथ कौशल एंव विशेषज्ञता का हस्तांतरण पर जोर दिया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ब्रिटेन की यात्रा का जिक्र करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि इस यात्रा के दौरान रुपया बांड पेश किया गया जिससे भारतीय मुद्रा में निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2014..15 और चालू वित्त वर्ष में दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग परियोजनाओं से संबंधित पांच नये समझौते होंगे.
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