नयी दिल्ली: असहिष्णुता पर बहस को ‘‘राजनीतिक मुद्दा’ करार देते हुए भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) टीएस ठाकुर ने आज कहा कि जब तक न्यायपालिका ‘‘स्वतंत्र’ और विधि के शासन को बनाए रखने वाली है, तब तक किसी डर या चिंता की जरुरत नहीं है. सीजेआई ने यहां पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा, ‘‘ये सियासी पहलू हैं. हमारे यहां विधि का शासन है. जब तक विधि का शासन मौजूद है, जब तक स्वतंत्र न्यायपालिका है और जब तक अदालतें अधिकारों तथा प्रतिबद्धताओं को कायम रखे हुए हैं, मुझे नहीं लगता कि किसी को किसी से डरने की जरुरत है.’
न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ‘‘मैं ऐसे संस्थान का नेतृत्व कर रहा हूं जो विधि के शासन को कायम रखता है और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा की जाएगी… मुझे लगता है, हम समाज के सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा में सक्षम हैं. मेरा संस्थान नागरिकों के अधिकारों को कायम रखने में सक्षम है.
