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दलित और राममंदिर मुद्दे पर राज्यसभा में बसपा, सपा का हंगामा

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दलित और राममंदिर मुद्दे पर राज्यसभा में बसपा, सपा का हंगामा

नयी दिल्ली: राज्यसभा में आज केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के दलितों और आरएसस प्रमुख मोहन भागवत के राममंदिर निर्माण के संबंध में दिए गए बयानों का भारी विरोध करते हुए बसपा, सपा एवं कांग्रेस सदस्यों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भारी हंगामा किया, जिससे जिससे सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दोपहर एक बजे के लिए स्थगित कर दी गयी. हालांकि सरकार की ओर से कहा गया कि सिंह के सफाई देने के बाद यह मुद्दा खत्म हो जाना चाहिए जबकि भागवत के बयान में राममंदिर का संकल्प दोहराया गया है तथा संकल्प करना संविधान के तहत मूलभूत अधिकार है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राममंदिर का निर्माण न्यायालय के निर्णय के तहत ही होगा.

बसपा प्रमुख मायावती ने सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कि जब से केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में राजग सरकार आयी है, देश में सामाजिक एवं सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल बिगड़ रहाहै. उन्होंने कहा कि सत्तारुढ पार्टी से जुड़े कुछ लोग बयान देकर माहौल को बिगाड रहे हैं. मायावती ने कहा कि सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बदले उनका मनोबल बढा रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला गया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने जो बयान दिया वह बहुत दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है.

उपसभापति पीजे कुरियन ने मायावती को इस मामले में अधिक बोलने की इजाजत नहीं दी और कहा कि यदि उन्हें यह मुद्दा उठाना है तो इसके लिए वह नोटिसदेंगे. इसके बाद बसपा के सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे. हंगामे के बीच ही संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मायावती ने दलितों के बारे में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, वह उसका सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि वीके सिंह के बयान के मामले में सरकार का स्पष्ट रुख है कि दलितों का सम्मान, सुरक्षा एवं समृद्धि होनी चाहिए.

नकवी ने कहा कि वीके सिंह ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे दलितों का अपमान होता हो. उन्होंने कहा कि सिंह की इस सफाई के बाद यह मामला खत्म हो जाना चाहिए. इस दौरान बसपा सदस्यों ने आसन के समक्ष अपनी नारेबाजी को जारी रखा. उपसभापति पीजे कुरियन ने इन सदस्यों को शांत करते हुए उनसे वापस जाने की अपील की. अपनी अपील का असर नहीं होते देख उन्होंने पूर्वाह्न करीब सवा ग्यारह बजे बैठक को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया.

बैठक फिर शुरू होने पर सपा के रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल ने आरएसएस प्रमुख भागवत के राममंदिर निर्माण संबंधी बयान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्होंने इसके लिए कुर्बानी देने को तैयार रहने के लिए कहा है. यादव ने कहा कि कुछ लोग देश में उन्माद का माहौल फैलाना चाहते हैं. यादव ने कहा कि जब राममंदिर का मुद्दा न्यायालय में विचाराधीन है तो आरएसएस प्रमुख ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की मिलीभगत है. उन्होंने मांग की कि आरएसएस प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

इसके बाद सपा के कई सदस्य भी आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे.

हंगामे के बीच ही नकवी ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण का मुद्दा न्यायालय में विचाराधीन है. मंदिर के निर्माण का संकल्प दोहराने का अधिकार सभी को है. संविधान के तहत यह मूलभूत अधिकार है. उन्होंने कहा कि सरकार का इस मुद्दे पर यह मानना है कि मंदिर का निर्माण न्यायालय के आदेश के तहत ही होगा. इसी बीचकांग्रेस के कई सदस्य भी आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे. हंगामा थमते न देख कुरियन ने बैठक को दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

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