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रेल नीर घोटाला : अदालत ने अधिकारी को जमानत दी

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रेल नीर घोटाला : अदालत ने अधिकारी को जमानत दी

नयी दिल्ली : एक विशेष अदालत ने आज राजधानी तथा अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों में बोतल बंद पेयजल की आपूर्ति में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में गिरफ्तार रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी की जमानत मंजूर कर ली लेकिन एक कारोबारी को राहत देने से इंकार किया.

अदालत ने भारतीय रेलवे यातायात सेवा के अधिकारी एमएस चालिया को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा इतनी ही राशि का एक जमानती देने पर जमानत मंजूर की. अदालत ने कहा कि उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य हल नहीं होगा.
हालांकि विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार ने कारोबारी शरण बिहारी अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह लेनदेन का ‘‘सीधा लाभार्थी” है और छानबीन के दौरान जब्त करीब 28 करोड़ की नकदी के बारे में जांच अब भी जारी है.
अदालत ने कहा, ‘‘यह बात मन में रखी जानी चाहिए कि आवेदक संबंधित लेनदेन का सीधा लाभार्थी है. इसलिए, मेरी राय है कि यह आवेदक को जमानत देने का सही समय नहीं है क्‍योंकि इसमें जांच प्रभावित होने की संभावना है. अंत:, जमानत याचिका खारिज की जाती है.”
सीबीआई ने चालिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उसने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया क्‍योंकि उसने रेल नीर तथा अन्य ब्रांड के पेयजल की आपूर्ति के लिए आईआरसीटीसी द्वारा भेजे गये कई पत्रों के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया जिससे रेलवे को 6.25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सीबीआई ने इन दोनों के अलावा आईआरटीएस अधिकारी संदीप सिलास को भी गिरफ्तार किया था. वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
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