[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National उबर बलात्कार मामला: उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय का आदेश किया दरकिनार

उबर बलात्कार मामला: उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय का आदेश किया दरकिनार

0
उबर बलात्कार मामला: उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय का आदेश किया दरकिनार

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को दरकिनार कर दिया जिसमें उबर बलात्कार मामले में पीडिता सहित अभियोजन के 13 गवाहों को फिर बुलाने और दोबारा पूछताछ करने को मंजूरी दी गई थी. उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ कथित पीडिता और दिल्ली पुलिस की अपील पर न्यायमूर्ति जेएस खेहर और न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने कहा, ‘‘अपील मंजूर की जाती हैं.” मामले में उच्च न्यायालय ने आरोपी कैब चालक शिवकुमार यादव के आग्रह पर पीडिता सहित अभियोजन के 13 गवाहों को फिर से बुलाए जाने को मंजूरी दी थी और कहा था कि उनसे नियमित आधार पर जिरह की जाएगी.

उच्चतम न्यायालय ने पीडिता की याचिका पर 10 मार्च को उच्च न्यायालय के आदेश पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि यह मामले में दोबारा मुकदमा चलाने के बराबर होगा. इसने मीडिया को भी गवाहों के बयानों की रिपोर्टिंग करने से रोक दिया था जो उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज किए गए थे.

पीडिता और दिल्ली पुलिस की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए शीर्ष अदालत ने 13 अगस्त को कहा था कि आरोपी चालक पीडिता से दोबारा पूछताछ की मांग कर ‘‘आपराधिक न्याय प्रणाली को नष्ट करने” की कोशिश कर रहा है जिसे उसने पहले की गवाही में ‘‘लज्जित और बेइज्जत” किया है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel