प्रसिद्ध कथाकार उदय प्रकाश ने कन्नड साहित्यकार एमएम कलबुर्गी की हत्या के विरोध में साहित्यअकादमीसम्मान लौटाने का एलान किया है. साहित्य जगत का यह सर्वोच्च सम्मान उन्हें उनकी उनकी कृति मोहन दास के लिए 2010-11 में मिली थी. मशहूर लेखक ने इस पुरस्कार को लौटाने के लिए लेखकों पर हो रहे हमले को कारण बताया है. उन्होंने कन्नड लेखक कलबुर्गी की हत्या के विरोध में यह सम्मान लौटाने का निर्णय लिया है.
मालूम हो कि 30 अगस्त को कन्नड विद्वान एमएम कलबुर्गी की कर्नाटक के धारवाड में उनके घर में घुस कर अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी. उनकी मौत के बाद कर्नाटक में काफी विरोध प्रदर्शन भी हुआ.
उदय प्रकाश ने अपने फेसबुक वॉल पर क्या लिखा है :
पिछले समय से हमारे देश में लेखकों, कलाकारों, चिंतकों और बौद्धिकों के प्रति जिस तरह का हिंसक, अपमानजनक, अवमानना पूर्ण व्यवहार लगातार हो रहा है, जिसकी ताजा कडी प्रख्यात लेखक और विचारक व साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कन्नड साहित्यकार श्री कलबुर्गी की मतांध हिंदुत्ववादी अपराधियों द्वारा की गयी कायराना और दहशतनाक हत्या है, उसने मेरे जैसे अकेले लेखक को भीतर से हिला दिया है.
अब यह चुप रहने का और मुंह सिल कर सुरक्षित कहीं छुप जाने का पल नहीं है. वर्ना ये खतरे बढते जायेंगे. मैं साहित्यकार कुलबर्गी जी की हत्या के विरोध में मोहन दास नामक कृति पर 2010-11 मंे प्रदान किये गये साहित्य अकादमी पुरस्कार को विनम्रता लेकिन सुचिंतित दृढता के साथ लौटाता हूं.
अभी गांव में हूं. सात-आठ सितंबर तक दिल्ली पहुंचते ही इस संदर्भ में औपचारिक पत्र और राशि भेज दूंगा.
मैं उस निर्णायक मंडल का सदस्य, जिनके कारण मोहन दास को यह पुरस्कार मिला, अशोक वाजपेयी और चित्रा मुद्गल के प्रति आभारत व्यक्त करते हुए, यह पुरस्कार वापस करता हूं.