[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने पाकिस्तान से बाल सुरक्षा मजबूत करने का आह्वान किया

संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने पाकिस्तान से बाल सुरक्षा मजबूत करने का आह्वान किया

0
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने पाकिस्तान से बाल सुरक्षा मजबूत करने का आह्वान किया

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में एक नवयुवक को फांसी पर चढाने की निंदा की है और दावा किया कि जब उसे हत्या का दोषी ठहराया गया था तब वह महज 14 साल का था. संरा मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान से बच्चों की सुरक्षा मजबूत करने का आह्वान किया.

संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समिति के अध्यक्ष बेनयाम दावित मेजमुर ने एक बयान में कहा, ‘‘शफाकत हुसैन को फांसी पर चढाना अफसोसजनक है और पाकिस्तान के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के विरुद्ध है.’’हुसैन के वकीलों का कहना है कि जब उसे दोषी पाया गया था तब वह महज 14 साल का था और उत्पीडन कर उससे एक बालिया कबूलनामा लिया गया था. हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार इस बात का सबूत नहीं है कि जब उसे दोषी ठहराया गया था तब वह नाबालिग था. हुसैन को वर्ष 2004 में बच्चे की हत्या करने का दोषी ठहराया गया था.
मेजमूर ने कहा, ‘‘बाल अधिकार कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारी कन्वेंशन, जिन्हें पाकिस्तान ने अनुमोदित किया है, बिल्कुल स्पष्ट है और पाकिस्तान का कानून भी कहता है कि अपराध के समय जिस आरोपी की उम्र 18 साल से कम रही हो, उसे मृत्युदंड नहीं दिया जाना चाहिए.’’ बाल हिंसा पर महासचिव की विशेष प्रतिनिधि मार्टा सैंटोस ने कहा कि फांसी देना बिल्कुल ही दुखद है और बाल अधिकारो पर पाकिस्तान की प्रतिबद्धताओं के विरुद्ध है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel