नयी दिल्ली : दिल्ली सरकार और केंद्र का झगड़ा नया नहीं है. लेकिन अब इस झगड़ेमेंऔर चोट करने के लिए दिल्ली सरकार विज्ञापन का सहारा ले रही है. दिल्ली सरकार ने एक आरटीआई के जवाब में माना है कि 526 करोड़ का बजट उन्होंने विज्ञापन के लिए रखा है. परिवहन मंत्री गोपाल राय ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में माना था कि सरकार के पास पैसे की कमी है. इतनी सब्सिडी के बाद जनता से पैसे वसूलने के लिए वैट में बढोत्तरी की गयी है.
इसके बावजूद केंद्र पर निशाना साधने के लिए दिल्ली सरकार धन का पुरजोर इस्तेमाल कर रही है. अबतक टीवी पर अरविंद केजरीवाल के कई विज्ञापन जारी किये गये पुराने विज्ञापनों में बिजली के बिल, पानी और भ्रष्टाचार के नियमंत्रण पर जोर दिया गया था. इन विज्ञापनों की भी आलोचना हुई लेकिन दिल्ली सरकार ने कहा योजनाओं और सरकार के कामों को जनता तक पहुंचाना भी सरकार का काम है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस विज्ञापन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
विपक्षी पार्टी को उस शब्द पर आपत्ति थी जिसमें कहा गया था कि वो परेशान करते रहे हम काम करते रहे, लेकिन अब ताजा विज्ञापन केंद्र पर सीधे आरोप लगाता है, दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े करते हैं और केंद्र की दखलअंदाजी का दर्द बयां करता है. दिल्ली सरकार केंद्र में सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना लगाता रहा है. ऐसे कई मौके पर है जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीधे- सीधे नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. फिलहाल यह झगड़ा शांत होता नजर नहीं आता, दिल्ली सरकार ने विज्ञापन वअन्य माध्यमों के जरिये प्रधानमंत्री पर कड़े प्रहार करने शुरू कर दिए है.
