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Home National संसद में सस्‍ते खाने पर संसदीय कार्य मंत्री की सफाई, समिति को देना चाहिए ध्‍यान

संसद में सस्‍ते खाने पर संसदीय कार्य मंत्री की सफाई, समिति को देना चाहिए ध्‍यान

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संसद में सस्‍ते खाने पर संसदीय कार्य मंत्री की सफाई, समिति को देना चाहिए ध्‍यान

नयी दिल्ली : संसद की कैंटीन में सांसदों को काफी सब्सिडी मिलने पर जारी चर्चा के बीच सरकार ने आज कहा कि इस विषय से संबंधित संसदीय समिति को इस मामले में ध्यान देना चाहिए, साथ ही जोर दिया कि वह अकेले इस निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है. संसदीय मामलों के मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि इस बारे में चर्चा ‘अच्छी’ बात है और इसका कुछ रचनात्मक समाधान निकलना चाहिए.

वेंकैया ने संवाददाताओं से कहा, ‘चर्चा हमेशा अच्छी होती है. इस बारे में चर्चा होनी चाहिए. कुछ रचनात्मक समाधान आना चाहिए. एक मंत्री के तौर पर मैं अकेले कोई निर्णय नहीं करता हूं. संसद की व्यवस्था अलग है. लोकसभा और राज्य सभा की अपनी-अपनी समितियां है और इनके सदस्यों को इस विषय पर ध्यान देना चाहिए.’ केंद्रीय मंत्री ने सरकार द्वारा सब्सिडी को समाप्त करने से जुडे सवालों पर सीधा कुछ नहीं कहा. उन्होंने कहा कि यह काफी समय से जारी है और इसका निर्णय भाजपा सरकार ने नही किया है.

कांग्रेस ने सब्सिडी पर नये सिरे से विचार का समर्थन किया

कांग्रेस ने हालांकि संसद की कैंटीन में सांसदों को भारी सब्सिडी दिये जाने के विषय पर नये सिरे से विचार करने का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में सुधार की जरुरत है. कांग्रेस प्रवक्ता टॉम वड्डकन ने कहा, ‘यहां दी जा रही भारी सब्सिडी को देखते हुए मैं समझता हूं कि इस बारे में कुछ सुधार की जरुरत है.’ उन्होंने हालांकि कहा कि विभिन्न मंत्रालयों में भी सब्सिडी आधारित कैंटीन चल रही हैं.

उल्लेखनीय है कि आरटीआइ के तहत प्राप्त जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ है कि पिछले पांच वर्षो से संसद की कैंटीन में कुल 60.7 करोड रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई जहां पुडी-सब्जी जैसे भोज्य पदार्थ 88 प्रतिशत सब्सिडी के आधार पर बेचे जाते हैं. सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांसदों को चिप्स के साथ फिश फ्राई 25 रुपये में, मटन कटलेट 18 रुपये में, उबली हुई सब्जी 5 रुपये में, हड्डी युक्त मटन करी 20 रुपये में और मसाला डोसा 6 रुपये में परोसे जाते हैं और इन सामग्रियों पर क्रमश: 63 प्रतिशत, 65 प्रतिशत, 83 प्रतिशत, 67 प्रतिशत और 75 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की गई है.

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