नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ने केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा उल्लेखनीय रूप से बढ़ाये जाने की वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है. साथ ही मोदी ने राज्य सरकारों से अपनी जरूरतों के हिसाब से योजना तैयार करने को कहा.
सभी मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि राज्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं में संशोधन करने और अपनी विकास योजनाएं खुद तैयार करने के लिए स्वतंत्र हैं. उन्होंने लिखा है, ‘‘14वें वित्त आयोग ने विभाजनीय संसाधनों में राज्यों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत बढ़ाने की सिफारिश की है. इसकी तुलना में पिछले वित्त आयोगों की सफारिशें में वृद्धि का अनुपात काफी कम रहा है.’’ विभाजन योग्य केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी अब 42 प्रतिशत होगी जो पहले 32 प्रतिशत थी.
