नयी दिल्ली : गुजरात के राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली ने संयुक्त परिवार प्रणाली को सामाजिक सुरक्षा का सबसे बड़ा उपकरण बताया है. कोहली ने कहा कि बुजुर्गों की भलाई सिर्फ पेंशन देने भर से नहीं होगी, बल्कि उनकी समस्याओं, जरुरतों और सम्मान को छात्रों के पाठ्यक्रमों में शामिल करने की जरुरत है. उन्होंने कहा इससे युवा पीढ़ी बुजुर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से समझ सके.
दिल्ली के विज्ञान भवन में गैर सरकारी संगठन ‘हेल्दी एजिंग इंडिया’ (एचएआई) की ओर से बुजुर्गों पर आयोजित एक कार्यशाला में कोहली ने कहा ‘हमारी संस्कृति में बुजुर्गों को कभी भी अप्रसांगिक नहीं समझा गया है. बड़े-बुजुर्गों का सम्मान हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है. आज के समय में संयुक्त परिवार कम हो रहे हैं, लेकिन सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से संयुक्त परिवार काफी महत्वपूर्ण हैं. संयुक्त परिवार सामाजिक सुरक्षा का सबसे बेहतरीन उपकरण है.सरकार के पास भी सामाजिक सुरक्षा की ऐसी व्यवस्था नहीं हो सकती है.
इस मौके पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी बुजुर्गों के प्रति समाज के अधिक संवेदनशील होने पर जोर दिया और कहा कि केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और विकास के लिए गंभीर है.
एचएआई के अध्यक्ष प्रसुन चटर्जी ने कहा ‘हम आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था तैयार करने जा रहे हैं जिससे वरिष्ठ नागरिक अपनी रोजमर्रा की सेहत से संबंधित समस्याओं को लेकर परामर्श और निदान चिकित्सकों के जरिए घर बैठे पा सकते हैं. हम ई-मेल के माध्यम से उनके और चिकित्सकों के बीच सेतु का काम करेंगे. हम स्कूली बच्चों के माध्यम से 50,000 लोगों का डाटाबेस तैयार कर रहे हैं.’