[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National कोयले से बढ़ता बिजली उत्पादन जानलेवा

कोयले से बढ़ता बिजली उत्पादन जानलेवा

0
कोयले से बढ़ता बिजली उत्पादन जानलेवा

सन 2030 मे भारत में हर साल कोयला आधारित ताप बिजली संयंत्रों से होनेवाले उत्सर्जन की वजह से 1.86 लाख से लेकर 2.29 लाख लोग असमय मौत के शिकार बनेंगे.

इसके अलावा, इस उत्सर्जन की वजह से दमा के मरीजों की संख्या बढ़कर 4.27 करोड़ तक हो जायेगी. यह दावा किया गया है कोल किल्स की एक ताजा रिपोर्ट में, जिसे तैयार किया है कंजरवेशन एक्शन ट्रस्ट नामक गैर-लाभकारी संस्था और अरबन इमीशन नामक स्वतंत्र शोध समूह ने. ‘कोल किल्स’ रिपोर्ट में भारत में कोयले से बिजली उत्पादन में विस्तार की वजह से हो रहे वायु प्रदूषण और इसके स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों का विस्तृत अध्ययन पेश किया गया है.

कोयले से बिजली उत्पादन तीन गुना तक बढ़ने का अनुमान है. अभी कोयले से 159 गीगावाट बिजली बन रही है, 2030 तक यह आंकड़ा 450 गीगावाट का हो जायेगा. जिन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी होगी, वे हैं आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड बिहार को छोड़ कर ये राज्य कोयले के बड़े भंडार हैं.

इसी अवधि में देश में कोयले की खपत दो से तीन गुना बढ़ने का अनुमान है. अभी हर साल 66 करोड़ टन की खपत है जो बढ़ कर 180 करोड़ टन हो जायेगी. इसी हिसाब से, अभी कार्बन डाइ आक्साइड का सालान उत्सजर्न 159 करोड़ टन है, जो बढ़ कर 432 करोड़ टन हो जायेगा. साथ ही, कणीय तत्व, सल्फर डाइ आक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड्स का उत्सजर्न दुगना हो जायेगा, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है. उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए रिपोर्ट में कई सिफारिशें की गयी हैं.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel