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10 साल की गुलामी से मुक्त हुई 13 साल की बच्ची

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इंदौर: चाइल्ड लाइन ने एक नाबालिग बच्ची को दस साल की गुलामी से आजाद करवाया. यह संस्था बच्चों के हित में काम करती है.नाबालिग लडकी को जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया. समिति ने लडकी को बाल आश्रम में भेजने के आदेश दिये हैं.

चाइल्ड लाइन के समन्वयक अविनाश वर्मा ने आज बताया कि लगभग 13 साल की सीता यहां महालक्ष्मी नगर में चंदा राय और रेणु राय के परिवार में पिछले 10 साल से बाल श्रमिक के रुप में काम कर रही थी. उसे बिहार से यहां लाया गया था. यहां उसे न तो पढाया गया और न ही काम के बदले पैसे दिये गए.
उन्होंने लडकी के हवाले से बताया कि उससे घरेलू नौकरानी के तौर पर घर का झाडू.पोंछा, बर्तन, बच्चों को तैयार कराने के साथ हर छोटा बडा काम कराया जाता था. काम न करने पर उसे मार भी पडती थी. इससे तंग आकर वह 29 सितम्बर को घर से भाग गयी.
उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने लडकी को चाइल्ड लाइन संस्था में पहुंचाया. संस्था के जरिये लडकी की शिकायत पर मामला सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया. सीडब्ल्यूसी में कल सीता के बयान दर्ज किये गये. सीता ने कहा कि अब वह न तो राय परिवार में जाना चाहती है और न ही अपने पिता के पास जाना चाहती है. सीता ने अपने बयान में पढने की इच्छा व्यक्त की.
वर्मा ने बताया कि सीडब्ल्यूसी ने सीता को बाल आश्रम भेजने के आदेश दिये और उसकी आयु निर्धारित करने के लिये शासकीय एमवाय अस्पताल के मेडिकल बोर्ड को उसकी जांच करने के निर्देश भी दिये हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस ने लडकी के बयान दर्ज किये हैं और श्रम विभाग भी मामले की जांच कर रहा है.
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