[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National शिवसेना की नयी पेशकश से बच सकता है गंठबंधन

शिवसेना की नयी पेशकश से बच सकता है गंठबंधन

0
शिवसेना की नयी पेशकश से बच सकता है गंठबंधन
नयी दिल्ली : भाजपा-शिवसेना का गठजोड़ बच सकता है. सूत्रों ने कहा है कि शिवसेना भाजपा को 126 सीटें देने को राजी हो गयी है. भाजपा पहले शिवसेना से 135 सीटें मांग रही थी, हालांकि बाद में वह 130 सीटों मिलने पर गंठबंधन के लिए मान जाने को राजी हो गयी थी. इससे इस बात का संकेत मिला रहा है कि ढाई दशक पुराना गंठजोड़ बचाने के लिए शायद अब दोनों दलों के बीच बात बन जाये.
शिवसेना खुद 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. शेष 14 सीटें वह अपने चार छोटे सहयोगियों को देना चाहती है. पहले छोटे सहयोगियों को 18 सीटें देने की बात थी. इस बीच खबरप्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बात की है और उन्हें 126सीटकी पेशकश कर दी है. हालांकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज सुबह उद्धव से बातचीत में उन्हें कहा कि वे उन 59 सीटों पर विचार करें, जिस पर उनकी पार्टी कभी जीत नहीं सकी है. वहीं, भाजपा यह भी चाहती है कि जिन 19 सीटों पर वह कभी नहीं जीती है, उससे इस बार शिवसेना लड़े.
उल्लेखनीय है कि पूर्व में शिवसेना प्रमुख भाजपा को 119 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए दबाव बना रहे थे. दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर विवाद का मूल कारण मुख्यमंत्री पद पर कब्जा करना है. जिसके पास ज्यादा विधायक होंगे, स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री पद के लिए वह दावेदार होगा. हालांकि लोकसभा चुनाव परिणाम व चुनावी सर्वे से उत्साहित भाजपा को यह आत्मविश्वास है कि वह अगर शिवसेना से दस-बारह सीटें कम भी लड़ेगी तो शिवसेना से अधिक सीटें जीत सकती है. हालांकि चुनाव लड़ी जाने वाली सीटों में दोनों पार्टियों के बीच 24 सीटों का अंतर रहने पर शिवसेना की राह मुख्यमंत्री पद के लिए आसान हो सकती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel