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भारत- ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी से ज्ञान और कौशल में होगा बढ़ावा

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भारत- ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी से ज्ञान और कौशल में होगा बढ़ावा

नयी दिल्ली : क्वींसलैंड विश्वविद्यालय की एक अधिकारी ने कहा है कि भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी से ज्ञान एवं कौशल के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में मदद करेगा. क्वींसलैंड विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल मार्केटिंग एंड रिक्रूटमेंट की उप निदेशक एलिसन कैम्पबेल ने कहा कि 2019 में 800 से अधिक भारतीय छात्रों ने क्वींसलैंड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांचवी सबसे बड़ी संख्या है.

कैम्पबेल हाल में राष्ट्रीय राजधानी आयी थीं और उन्होंने यहां छात्रों से बात की थी . उन्होंने कहा, ‘‘2019 में सभी भारतीय छात्रों में से आधे से अधिक ने इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ईएआईटी) में (करीब 30 प्रतिशत) और बिजनेस, इकोनॉमिक्स एंड लॉ (बीईएल) में (23 प्रतिशत) दाखिला लिया है.” उन्होंने कहा, ‘‘सभी भारतीय छात्रों में 60 प्रतिशत से अधिक पोस्टग्रैजुएट कोर्सवर्क प्रोग्राम का अध्ययन कर रहे हैं.
लगभग 20 प्रतिशत स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि क्वींसलैंड विश्वविद्यालय ने भारत में 20 विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ 31 औपचारिक समझौता किया है, जिसमें विज्ञान, ऊर्जा, टिकाऊ खनिज, कृषि एवं खाद्य पदार्थ, बायोइंजीनियरिंग और नैनोटेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर एवं सूचना प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, अर्थशास्त्र एवं कानून, राजनीति विज्ञान एवं संगीत का विशाल दायरा शामिल किया गया है. पिछले साल क्विंसलैंड विश्वविद्यालय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (आईआईटी-डी) के साथ संयुक्त अकादमिक अनुसंधान शुरू किया था जो छात्रों को दोनों संस्थानों से पीएचडी की डिग्री उपलब्ध करायेगा.
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