[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National भुवनेश्वर कालिता और विवेकानंद भाजपा में शामिल

भुवनेश्वर कालिता और विवेकानंद भाजपा में शामिल

0
भुवनेश्वर कालिता और विवेकानंद भाजपा में शामिल

नयी दिल्ली : राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देने वाले भुवनेश्वर कालिता शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गये. कालिता, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए.

कालिता अनुच्छेद 370 को लेकर पार्टी के रुख से सहमत नहीं थे और इसका हवाला देते हुए उन्होंने उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. भाजपा में कालिता का स्वागत करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वास्तव में भुवनेश्वर कालिता बेदाग छवि वाले ऐसे राजनीतिज्ञ हैं जिन्होंने लंबे अर्से तक असम, पूर्वोत्तर सहित राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में योगदान दिया. उन्होंने कहा कि कालिता का राष्ट्रीय राजनीति में लंबा अनुभव है और उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में समर्पित भाव से बेहतरीन कार्य किया है. भाजपा में शामिल होने पर कालिता ने कहा कि जब अनुच्छेद 370 की बात आयी तब उनकी पूर्व पार्टी (कांग्रेस) से कई नेताओं से बात की, लेकिन कोई निर्णय नहीं निकल रह था. नेतृत्व से कोई निर्देश नहीं मिल रहा था. ऐसी हालत में जब देश को मजबूजी और एकजुटता के साथ आगे ले जाने की बात थी जब हर पार्टी का योगदान जरूरी था. कालिता ने कहा कि लेकिन कांग्रेस में कोई स्पष्टता नहीं थी. ऐसे में मैंने इसका विरोध किया.

संसद में इसका विरोध नहीं कर पा रहा था, इसलिये सदन से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद वह भाजपा में शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मजबूत कदम उठा रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी कि असम सहित पूर्वोत्तर का तेजी से विकास जारी रहेगा.

इससे पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) से हाल ही में इस्तीफा देने वाले पूर्व सांसद जी विवेकानंद भी भाजपा में शामिल हो गये. विवेकानंद भाजपा महासचिव अरुण सिंह की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुए. उन्होंने बाद में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की. नड्डा ने विवेकानंद का स्वागत किया. विवेकानंद एकीकृत आंध्रप्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी वेंकटस्वामी के पुत्र हैं और वे तेलंगाना में टीआरएस सरकार के सलाहकार रहे हैं. हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिये जाने के बाद विवेकानंद ने प्रदेश सरकार के सलाहकार और टीआरएस से इस्तीफा दे दिया था. भाजपा में शामिल होने के बाद विवेकानंद ने कहा कि वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं क्योंकि यह एक लोकतांत्रिक पार्टी है और टीआरएस की तरह से पारिवार संचालित पार्टी नहीं है. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से काफी प्रभावित हैं.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel