दक्षिण भारत के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले राज्य कर्नाटक में आखिरकार सियासी संग्राम थम गया. कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार मंगलवार शाम को गिर गयी. इसी के साथ कांग्रेस के कब्जे से एक और राज्य निकल गया. इसके साथ ही राज्य में कमल खिलने का रास्ता भी साफ हो गया है. सब कुछ ठीक रहा तो बीएस येदियुरप्पा जल्द ही कर्नाटक के सीएम पद की शपथ लेंगे. हालांकि अभी ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है.
आज भाजपा ने विधायक दल की बैठक बुलायी. प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. इसके लिए उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा है. हालांकि माना जा रहा है कि सीएम पद की कुर्सी उनके लिए कांटों का ताज साबित होने जा रही है. एक अलग चर्चा ये भी है कि क्या भाजपा के नियमों के मुताबिक, येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बन पाएंगे?
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा 76 साल के हो चुके हैं. हालांकि गत वर्ष 25 मई 2018 को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी मगर बाद में सरकार गिर गयी. भाजपा ने इस बार लोकसभा चुनाव में मार्गदर्शक मंडल के सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित कई औऱ लोगों को उम्र अधिक होने के कारण टिकट नहीं दिया था.
येदियुरप्पा जानते हैं कि इस तरह से उनके पास राज्य की कमान संभालने का आखिरी अवसर है. यदि वह जल्द मुख्यमंत्री बन गए तो ठीक, वरना अधिक उम्र के कारण उन्हें यह अवसर मिलने से वंचित होना पड़ सकता है.
